बुधवार, मार्च 31, 2010

भूत के पैर..तुमने मेरे पैर नहीं देखे.??.

ये किस्सा मुझ एक मित्र ने बताया..एक टेम्पो चलाने वाला रात के समय मैंनपुरी से भोगाँव वाली सङक पर जा रहा था.उसकी टेम्पो में दो औरते बैठी हुयी थी..रास्ते में एक भुतहा स्थान पङता है..रात के ग्यारह बजे के लगभग का समय था..अचानक रास्ते में दो सवारियां नजर आयीं जो टेम्पो को रुकने का इशारा कर रही थी..टेम्पो वाला रोकता
इससे पहले ही उसका ध्यान उनके पैरों की तरफ़ गया और वो बिना रोके ही टेम्पो निकाल ले गया..वह बेहद घबराया हुआ था..टेम्पो वाली सवारियों ने पूछा .तुमने उन्हें बैठाया क्यों नहीं..?
वह बोला कि तुमने देखा नहीं वो कौन थे ..उनके पैर नहीं थे .और जानते हो पैर किसके नहीं होते..?
वे सवारियां मुस्कराकर बोली ..लगता है तुमने बिठाते
समय हमारे पैर नहीं देखे..ये सुनते ही टेम्पो बाले ने पीछे मुङकर देखा और वहीं बेहोश हो गया क्योंकि उनके भी पैर नहीं थे ..वह इस घटना के बाद भयंकर बीमार पङ गया और मुश्किल से एक महीने में ठीक हुआ .

1 टिप्पणी:

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा…

मेरा ब्लागिंग उद्देश्य गूढ रहस्यों को
आपस में बांटना और ग्यानीजनों से
प्राप्त करना भी है..इसलिये ये आवश्यक नहीं
कि आप पोस्ट के बारे में ही कमेंट करे कोई
दुर्लभ ग्यान या रोचक जानकारी आप सहर्ष
टिप्पणी रूप में पोस्ट कर सकते हैं ..आप सब का हार्दिक
धन्यवाद
satguru-satykikhoj.blogspot.com

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